SDM Full Form In Hindi | SDM के कार्य, सैलरी और कैसे बनें?

SDM Full Form: जैसा कि आप सभी जानते ही हैं कि आज के समय में सरकारी नौकरी पाना काफी ज्यादा मुश्किल हो गया है l यहां तक कि एक चपरासी की नौकरी पाने के लिए भी काफी ज्यादा मेहनत करना पड़ता है, क्यूंकि आज के समय में talent की कमी नहीं है, जिसके कारण सरकारी नौकरी के क्षेत्र में काफी ज्यादा competition देखने को मिलता है।

वर्तमान समय में ऐसे बहुत से लोग हैं, जिन्हें SDM के बारे में पता होता है। परंतु ऐसे भी बहुत लोग हैं जिन्हें इसके बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है। यदि आप भी उन्हीं लोगों में से एक हैं, तो हमारे इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें। क्योंकि आज हम आपको बताएंगे SDM Full Form In Hindi, एसडीएम क्या होता है और SDM ऑफिसर कैसे बन सकते हैं, इसके आलावा SDM से जुड़ी हुई बहुत महत्वपूर्ण जानकारि साझा करेंगे।

चलिए जानते है SDM Full Form In Hindi.

एसडीएम का फुल फॉर्म (SDM Full Form In Hindi)

दोस्तों अगर आप इस बात से अनजान होंगे की एसडीएम का पूरा नाम क्या होता है l तो आप निश्चंत हो जाइए। आपको बता दें कि SDM full form “Sub Divisional Magistrate” होता है l जिसका हिंदी में अर्थ ‘उप प्रभागीय न्यायधीश‘ होता हैं l

SDM Full Form In Hindiउप प्रभागीय न्यायधीश
SDM Full Form In EnglishSub Divisional Magistrate

एसडीएम क्या होता है?

SDM यानी कि sub divisional Magistrate जिसे हिंदी में उप प्रभागीय न्यायधीश कहते हैं, यह सरकारी अधिकारी का एक उच्च पद होता है, जिसके माध्यम से बहुत सारे सरकारी कार्य किए जाते हैं।

SDM पद लगभग DM(District Magistrate) पद की तरह ही होता है। SDM खास तौर पर जिले के सभी जमीन व्यापार से जुड़े हुए कार्यों की देखरेख करने का काम करते हैं। SDM का पद बहुत ही जिम्मेदारी भरा होता है।

हमारे देश में कुल 29 राज्य हैं और सभी राज्य में अलग-अलग जिले भी होते हैं l

एसडीएम वह होते है, जो जिलों के सभी जमीन पर लेखा जोखा का काम करते है, कहने का मतलब यह है कि जिलों के अंतर्गत जितने भी जमीन से जुड़े कारोबार होते है, उन सभी काम की देखरेख एसडीएम द्वारा ही किया जाता है l

एसडीएम और भी कई सारे कार्यों करते हैं, जिसे हम आगे जानने वाले हैं। 

SDM के कार्य ( SDM work in hindi)

दोस्तों जैसा कि हमने आपको बताया कि एसडीएम एक बहुत ही जिम्मेदारी वाला पद होता है। यह कोई छोटा पद नहीं होता है, यह पद बहुत बड़ा और जिम्मेदारी भरा होता है और एसडीएम के पद पर भी बहुत सारे काम काजों की देख रेख करने की जिम्मेदारी होती हैं।

मजिस्ट्रेट कार्य – मजिस्ट्रेट कार्य के अंतर्गत एसडीएम का यह कार्य होता है, कि अगर किसी भी महिला कि शादी के 7 साल के अंदर ही मृत्यु हो जाए, तो एसडीएम इस मुद्दे पर बे झिझक पूछ ताछ कर सकता है l

राजस्व कार्य – राज्य (जिला) में चल रहे सभी जमीन व्यापार से जुड़े हुए कार्यों की देख रेख करते हैं। इनके द्वारा सार्वजनिक जमीन का संरक्षण, पंजीकरण, सभी जमीन रिकॉर्ड का रखरखाव और लेखा जोखा का कार्य किया जाता है।

प्रमाण पत्र – एसडीम द्वारा प्रमाण पत्र बनाने का कार्य भी किया जाता है जो आपका प्रमाण पत्र होता है, वह भी एसडीएम की देख रेख के अंतर्गत ही बनाया जाता है। 

और भी बहुत सारे ऐसे कार्य होते है, जो एसडीएम द्बारा किये जाते है।

SDM की salary कितनी होती है?

एसडीएम एक बहुत ही बड़ा सरकारी अधिकारी पद होता है, इस पद पर कार्य करने वाले लोगों को जिम्मेदारियों के साथ साथ अच्छी सैलरी और कई सारी सुविधाएं भी दी जाती है।

यदि इनकी सैलरी की बात करें तो, एक एसडीएम अधिकारी की शुरुआती सैलरी कम से कम ₹50000 से लेकर के ₹60000 के आसपास होती है।

एक अच्छी सैलरी पैकेज के साथ-साथ इन्हें कई सारी अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं, जैसे कि- सरकारी आवास, सुरक्षाकर्मी, मुफ्त बिजली कनेक्शन, मुफ्त टेलीफोन कनेक्शन, सरकारी वाहन सुविधा, घरेलू नौकर, अधिकारिक यात्राओं के दौरान आवास सुविधा, उच्च अध्ययन सुविधा, पेंशन इत्यादि।

SDM बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए?

दोस्तों जैसा कि आप सभी जानते हैं कि आज के समय में किसी भी पद पर नौकरी पाने के लिए योग्यता होना बहुत ज्यादा जरूरी होता है और एसडीएम का पद एक बहुत ही जिम्मेदारी भरा होता है, तो ऐसे में जाहिर सी बात है कि SDM बनने के लिए योग्यता होना बहुत जरूरी है।

एसडीएम बनने के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त विश्व विदयालय से किसी भी filed से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करना होता है यदि आप ग्रेजुएट है, तो आप इस पद के लिए आवेदन कर सकते हैं।

SDM के लिये आयु सीमा ( Age Limit for SDM )

इस पद पर नियुक्ति पाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ता है। इस पद को प्राप्त करने के लिए योग्यता का विशेष रूप से ध्यान रखना होता है।

एसडीएम का एग्जाम दिलाने के लिए सरकार द्वारा इसकी age limit भी रखी गई है। एसडीएम बनने के लिए जो परीक्षा आयोजित किए जाते हैं, उसमें प्रत्येक वर्ग के लोगों के लिए अलग-अलग आयु सीमा निर्धारित की गई होती है।

SDM के लिये आयु सीमा प्रत्येक वर्ग के लिए:

  • सामान्य वर्ग के लोगों के लिए 21 से 35 साल,
  • पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए 21 से 40 साल और
  • अनुसूचित वर्ग और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 21 से 45 साल

SDM कैसे बनें?

SDM सभी जिलों के लिए अलग अलग नियुक्त होता है और एसडीम बनने के लिए सबसे पहले आपको Graduation Complete करना जरूरी है।

एसडीएम के पद की प्राप्ति करने के लिए सरकार द्वारा नियुक्त किए गए कॉम्पिटेटिव एग्जाम को क्लियर करना होता है।

एसडीएम के पद पर कार्य करने के लिए सरकार द्वारा दो तरह के एग्जाम आयोजित किए जाते हैं। जिनमें से किसी भी एक एग्जाम को क्लियर करके आप एसडीएम का पद प्राप्त कर सकते हैं। 

एसडीएम बनने के लिए दो विकल्प आपके पास होते है।

  • पहला- राज्य स्तर सिविल सेवा परीक्षा
  • दूसरा – राज्य लोक सेवा आयोग

इन दोनों की मदद से आप SDM बन सकते हैं।

हमने अब तक SDM Ka Full Form और अन्य चीजे जनि, चलिए अब SDM बनने के लिए Exam Pattern & Fees को देख लेते है।

SDM के लिए Exam Pattern और Fees

जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया कि एसडीएम बनने के लिए दो तरह के एग्जाम दिलाए जा सकते हैं। उन दोनों एग्जाम में से किसी एक को अपनाकर आप एसडीएम बन सकते हैं। जोकि निम्नलिखित हैं- 

1. यदि पहले विकल्प की बात करें तो एसडीएम बनने के लिए आपको स्टेट सरकार द्वारा आयोजित PCS (State Public Service Commission) के एग्जाम को दिलाना होता है।

2. एसडीएम बनने के लिए जो दूसरा विकल्प होता है, वह UPSC CSE एग्जाम होता है। इस एग्जाम में शामिल होकर भी आप एसडीएम बन सकते हैं।

इन दोनों एग्जाम के माध्यम से SDM पद पर नियुक्ति के लिए तीन चरणों में परीक्षा की जाती है, जोकि निम्नलिखित है- 

  • प्रारम्भिक परीक्षा
  • मुख्य परीक्षा
  • इंटरव्यू

चलिए इन तीन चरणों के बारे में निचे विस्तार से जानते है।

प्रारम्भिक परीक्षा ( Preliminary Exam )

प्रारंभिक परीक्षा के अंतर्गत प्रिलियम में दो पेपर होते हैं, जिसमें ऑब्जेक्टिव जैसे प्रश्न पूछे जाते हैं। हर पेपर 200-200 नंबर का होता है। जिसके लिए आपको 2-2 घंटे दिए जाते हैं और इनमें Negative Marking भी की जाती है।

मुख्य परीक्षा ( Main Exam )

मुख्य परीक्षा के अंतर्गत मेन्स में 9 पेपर होते हैं, जिसमें दो पेपर 300-300 नंबर के होते हैं और बाकी के 7 पेपर 250-250 नंबर के होते हैं। ये सब्जेक्टिव (लिखित) टाइप के प्रश्न होते हैं। इसके लिए 3-3 घंटे का समय दिया जाता है।

इनमें से अंग्रेजी और भारतीय भाषा के पेपर को सिर्फ क्वालीफाई करना होता है और बाकी के 7 पेपर निबंध, जनरल स्टडीज और ऑप्शनल सब्जेक्ट के होते हैं, जिनके नंबर मेरिट लिस्ट में जुड़ते हैं।

इंटरव्यू ( Interview )

प्रीमियम और मेंस एग्जाम को क्लियर कर लेने के बाद सबसे महत्वपूर्ण इंटरव्यू को क्लियर करना होता है। इंटरव्यू में आपको मेंटली और फिजिकली दोनों रूप से तैयार होकर जाना पड़ता है l इंटरव्यू 275 नंबर का होता है और इसके लिए 45 मिनट का समय रखा होता है।

इसमें उम्मीदवार एक पैनल के सामने बैठता है, जहां उसकी क्षमता, पर्सनालिटी, बुद्धिमत्ता की कड़ी परीक्षा ली जाती है।

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निष्कर्ष (SDM Full Form In Hindi)

दोस्तों SDM Ka Full Form हमने यहां जाना इसके आलावा SDM बनने के लिए सभी पहलहुँ को भी जाना, Sub Divisional Magistrate एक बहुत ही जिम्मेदारी वाला पद होता है इसलिए इस पद को पाने के लिए आपके पास योगिता होनी जरूरी है तभी आप सभी Exam दे कर SDM बन सकते है।

हमे उम्मीद है की आपको हमारा यह पोस्ट अच्छा लगा होगा, इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें, ताकि उनको भी इसके बारे में जानकारी प्राप्त हो सके l अगर इससे सम्बन्धित कोई सवाल है, तो आप अपना सवाल कॉमेंट में पूछ सकते हैं धन्यवाद् l

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