चांद पर कौन-कौन गया है – Chand Per Kaun Gaya Hai, यहां पर पढ़े

चांद पर कौन-कौन गया है या Chand Per Kaun Gaya Hai, यह सवाल आज के समय में पूछे जाने वाले साधारण सवाल में से एक है। वर्तमान समय में अधिकतर लोगों को चांद पर जाने वाले पहले व्यक्ति के बारे में तो पता होता ही है, परंतु बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्हें पहले व्यक्ति के अलावा बाकी व्यक्तियों के बारे में पता होता ही नहीं होता है। वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो अभी तक चांद पर दुनिया के कुल 12 लोगों ने कदम रखा है। 

यदि आप चांद पर जाने वाले सभी लोगों के बारे में जानना चाहते हैं, तो हमारे आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें। क्योंकि आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के जरिए बताएंगे की Chand Par Kon Kon Gaya है। तो चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

Ok Google Chand Par Kon Kon Gaya Hai

वर्तमान समय में अधिकतर लोगों द्वारा गूगल पर यह सवाल जरूर पूछा जाता है कि Chand Pe Kaun Kaun Gaya Hai, तो आपको बता दें कि इस दुनिया में कुल 12 लोग ऐसे हैं जिन्होंने चांद पर अपना कदम रखकर चांद की खूबसूरती को बड़े नजदीक से देखा है। किसी ना किसी मिशन के दौरान कुल 12 लोगों द्वारा चांद की यात्रा की गई है। जिनके बारे में निम्नलिखित है- 

नील आर्मस्ट्रांग (Neil Armstrong)

नील आर्मस्ट्रांग के बारे में तो अधिकतर लोगों को पता होगा ही, यह दुनिया के पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने सबसे पहले चांद पर अपना कदम रखा है। इन्होंने 20 जुलाई सन 1969 को अपोलो 11 मिशन के दौरान मिशन के कमांडर के रूप में चांद पर गए थे। इन्होंने सन 1966 में नासा के जेमिनी 8 मिशन पर भी काम किया है।

नील आर्मस्ट्रांग एक अमेरिकन नागरिक है, और इनका जन्म 5 अगस्त 1930 को अमेरिका में हुआ था। यह नासा में एक अंतरिक्ष यात्री और वैमानिकी इंजीनियर थे। वे एक नौसेना एविएटर, परीक्षण पायलट और विश्वविद्यालय के प्रोफेसर भी रह चुके थे।

बज एल्ड्रिन (Buzz Aldrin)

नील आर्मस्ट्रांग के बाद चांद पर उतरने वाले दूसरे व्यक्ति बज एल्ड्रिन है। वे 21 जुलाई सन 1969 में अपोलो 11 मिशन के दौरान लूनर मॉड्यूल ईगल पायलट के रूप में चांद पर गए थे। इन्होंने सन 1966 में जेमिनी 12 मिशन के पायलट के रूप में तीन स्पेसवॉक भी किए है। बज एल्ड्रिन भी एक अमेरिकन नागरिक है। यह अमेरिकी पूर्व अंतरिक्ष यात्री, इंजीनियर और लड़ाकू विमान के पायलट भी थे।

पीट कॉनराड (Pete Conrad)

चार्ल्स पीट कॉनराड चांद पर जाने वाले तीसरे व्यक्ति हैं। सन 1962 में नासा के दूसरे अंतरिक्ष यात्री वर्ग के लिए पीट कॉनराड को चुना गया था। और वे नवंबर सन 1969 में अपोलो 12 मिशन के दौरान कमांडर के रूप में चांद पर गए थे।

यह भी एक अमेरिकन नागरिक है। और वे एक अमेरिकी नासा अंतरिक्ष यात्री, वैमानिकी इंजीनियर, नौसेना अधिकारी, एविएटर, और परीक्षण पायलट थे।

एलन बीन (Alan Bean)

एलन बीन चांद पर जाने वाले चौथे व्यक्ति हैं, जिन्होंने 37 साल की उम्र में नवंबर सन 1969 में चांद पर जाने वाले दूसरा क्रू मिशन अपोलो 12 के तहत चांद पर गए थे। इनका पूरा नाम एलन लावर्न बीन है। और वे एक नासा के अंतरिक्ष यात्री, अमेरिकी नौसेना अधिकारी और एविएटर, परीक्षण पायलट, वैमानिकी इंजीनियर और चित्रकार थे।

एलन शेपर्ड (Alan Shepard)

एलन शेपर्ड चांद पर जाने वाले पांचवें ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने 47 साल की उम्र में सन 1971 में अमेरिका के अपोलो 14 मिशन के तहत चांद पर अपना कदम रखा था। इन्होंने अपोलो 14 मिशन के दौरान चांद पर कदम रखने के बाद चांद की सतह पर दो गोल्फ गेंदों को मारा था। और वे एक अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री, परीक्षण पायलट, नौसैनिक एविएटर और व्यवसायी थे।

एडगर मिशेल (Edgar Mitchell)

एडगर मिशेल चांद पर जाने वाले छठे व्यक्ति हैं, जो कि एलन शेपर्ड के साथ सन 1971 के दौरान अपोलो मिशन 14 के तहत लूनर मॉड्यूल पायलट के रूप में चांद पर गए थे। इन्होंने फ्रा मौरो हाइलैंड्स क्षेत्र में चांद की सतह पर काम करते हुए नौ घंटे बिताए थे। वे एक वैमानिकी इंजीनियर, परीक्षण पायलट, नासा अंतरिक्ष यात्री, यूफोलॉजिस्ट, संयुक्त राज्य नौसेना अधिकारी और एविएटर थे। 

डेविड स्कॉट (David Scott)

डेविड स्कॉट चांद पर जाने वाले सातवें व्यक्ति है। वे नासा के अपोलो 15 मिशन के तहत चांद पर गए थे। इनके द्वारा अपोलो 15 मिशन की कमान संभाली गई थी। इन्होंने तीन बार अंतरिक्ष में उड़ान भरी है। अपोलो 15 मिशन के अलावा वे अपोलो 9 और जेमीन 8 मिशन के भी हिस्से रहे हैं। डेविड स्कॉट अमेरिका में सेवानिवृत्त परीक्षण पायलट और नासा के अंतरिक्ष यात्री थे। 

जेम्स इरविन (James Irwin)

जेम्स इरविन चांद पर जाने वाले आठवें व्यक्ति हैं। वे अपोलो 15 मिशन के तहत लूनर मॉड्यूल पायलट के रूप में चांद पर गए थे। वे एक अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री, परीक्षण पायलट, वैमानिकी इंजीनियर, और संयुक्त राज्य वायु सेना के पायलट थे। 

जॉन यंग (John Young)

जॉन यंग चांद पर जाने वाले नौवें व्यक्ति हैं। जॉन यंग भी चांद पर जाने वाले सबसे सफल यात्रियों में से एक हैं। वे सन् 1972 में अपोलो 16 मिशन के तहत कमांडर के रूप में चांद पर गए थे। इन्होंने अपोलो 10 मिशन के दौरान चांद की परिक्रमा भी की है। इसके अलावा वे जेमीन 3, STS-1, STS-9 मिशन के हिस्सा भी रहे हैं। वे नासा में एक विमान इंजीनियर, प्रशिक्षण पायलट और अंतरिक्ष यात्री थे।

चार्ल्स ड्यूक (Charles Duke)

चार्ल्स ड्यूक चांद पर जाने वाले 10वे व्यक्ति हैं। वे सन 1972 में अपोलो 16 मिशन के तहत चांद पर गए थे। और इन्होंने अपोलो 11 मिशन में भी अपना काफी योगदान दिया था। वे एक अमेरिकी नागरिक थे, जो कि नासा में एक विमान इंजीनियर, प्रशिक्षण पायलट और अंतरिक्ष यात्री के रूप में काम करते थे। इन्होंने चंद्र सेवा के पहले ट्रेक के दौरान कैप्सूल कम्युनिकेटर के रूप में सेवा की है।

यूजीन सेरनन (Eugene Cernan)

यूजीन सेरनन चांद पर जाने वाले 11वे व्यक्ति हैं। इन्होंने 14 दिसंबर 1972 में अपोलो 17 मिशन के तहत चंद्र मॉड्यूल पायलट के रूप में चांद पर कदम रखा था। वे अमेरिका के मूल नागरिक हैं, और इन्होंने नासा में वैमानिक इंजीनियर और अंतरिक्ष यात्री के रूप में कार्य किया है।

हैरिसन श्मिट (Harrison Schmitt)

हैरिसन स्मिट चांद पर कदम रखने वाले आखरी यानी कि 12वे व्यक्ति हैं। इन्होंने भी 14 सितंबर सन 1972 में अपोलो 17 मिशन के तहत मिशन के कमांडर के रूप में चांद पर कदम रखा था। वह भी एक अमेरिकन नागरिक है। और वे एक अंतरिक्ष यात्री, वैमानिक इंजीनियर, और नौसेना पायलट है।

चाँद पर सबसे पहले कौन गया था?

Chand Per Kaun Gaya Hai, चांद पर सबसे पहले नील आर्मस्ट्रांग गए थे। इन्होंने सन 1969 में नासा के अपोलो 11 मिशन के तहत मिशन के कमांडर के रूप में चांद पर कदम रखा था। वे एक अमेरिकी नागरिक थे और वे नासा में इंजीनियर के तौर पर कार्य करते थे।

इनका जन्म 5 अगस्त सन 1930 को अमेरिका में हुआ था। इनकी सफलता के बाद इन्हें ‘प्रेसिडेंट मेडल ऑफ फ्रीडम’ और 1978 में कांग्रेसियों द्वारा ‘स्पेस मेडल ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया गया। वे नासा में एक बेहतरीन अंतरिक्ष साइंटिस्ट के रूप में कार्य करने के बाद 1971 में नासा संस्था द्वारा रिटायर किए गए।

काफी समय से कोई अंतरिक्ष यात्री चाँद पर क्यों नहीं गया?

चांद पर पहली बार 20 जुलाई सन 1969 और आखरी बार 14 सितंबर सन 1972 को कदम रखा गया था। उसके बाद सन 1972 से लेकर के अभी के समय तक चांद पर कोई भी अंतरिक्ष यात्री नहीं गया है।

इसका मुख्य कारण यह है कि चांद पर इंसानों को भेजना काफी ज्यादा महंगा पड़ता था। परंतु उसका कोई वैज्ञानिक फायदा भी नहीं होता था। 2004 के एक रिसर्च के अनुसार चांद पर इंसान को भेजने का खर्चा करीबन 104,000 मिलियन अमरीकी डॉलर या इससे का अनुमान लगाया गया था। बल्कि बिना इंसान वाला उपग्रह को चांद पर भेजने में काफी कम खर्चा लगता है, और इससे सभी तरह के काम पूरे हो जाते हैं जो कि एक इंसान कर सकता है।

इसके अलावा चांद पर इंसानों को ना भेजने का कारण यह भी है कि चांद पर गए लोगों द्वारा काफी उछल कूद और उधम मचाया गया था। जिसके कारण चांद पर काफी कचरा फैला था। जोकि आज भी वैसा का वैसा ही है।

चाँद पर आखरी बार कौन गया था?

चांद पर आखिरी बार हैरिसन स्मिट गए थे। वे चांद पर जाने वाले आखिरी और 12वे व्यक्ति हैं। इन्होंने 14 सितंबर सन 1972 में अपोलो 17 मिशन के दौरान मिशन कमांडर के तौर पर चांद पर कदम रखा था। वे नासा में एक अंतरिक्ष यात्री और वैमानिक इंजीनियर के तौर पर कार्य करते हैं।

हैरिसन स्मिट में एक अमेरिकन नागरिक है। इनका जन्म 3 जुलाई सन 1935 में अमेरिका के सांता रीटा न्यू मैक्सिको में हुआ था। हैरिसन स्मिट सन 1975 में नासा से अंतरिक्ष साइंटिस्ट के रूप में रिटायर हुए। और इनकी आयु अभी के समय में 86 वर्ष हो चुकी है। 

कितने देशों के अंतरिक्ष यात्री चाँद तक पहुंचे चुके है?

अभी तक केवल 3 देश के ही अंतरिक्ष यात्री चांद तक पहुंचे हैं। चांद पर पहुंचने वाले 3 देशों में अमेरिका, चीन, और रूस शामिल है। परंतु इनमें से केवल अमेरिका के ही अंतरिक्ष यात्री चांद की सतह तक पहुंच पाए हैं। अभी तक भारत का कोई भी अंतरिक्ष यात्री चांद तक नहीं गया है। परंतु भारत के चार लोग अंतरिक्ष यात्रा कर चुके हैं।

निष्कर्ष:- 

आज हमने आपको अपने इस पोस्ट के जरिए Chand Par Kon Kon Gaya इस विषय के बारे में संपूर्ण जानकारी देने का प्रयास किया है। आशा करते हैं कि आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा और आपको हमारे इस पोस्ट के जरिए चांद पर कौन-कौन गया है इस विषय के बारे में काफी अच्छी जानकारी प्राप्त हुई होगी।

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