शिलाजीत के फायदे और नुकसान व आयुर्वेदिक गुण

शिलाजीत के फायदे और नुकसान के बारे में: आयुर्वेद में  शिलाजीत को काफी शक्तिवर्धक माना गया है, जो सम्पूर्ण सेहत का विकास करता है। शिलाजीत का सेवन पुरुषो के साथ-साथ महिलाओ द्वारा भी किया जाता है।

यदि आप शिलाजीत के बारे में अधिक जानकारी हासिल करना चाहते है, तो इस लेख में आपको शिलाजीत क्या है, शिलाजीत के फायदे (Benefits Of Shilajit In Hindi), शिलाजीत के नुकसान क्या होते है और शिलाजीत को कैसे इस्तेमाल किया जाता है इसके बारे में जानकारी मिलेगी।

शिलाजीत क्या है?

शिलाजीत एक चिपचिपा और राल जैसा पदार्थ है जो सड़े हुए पौधों से बनता है और मुख्यतः रूप से हिमालय की चट्टानों में पाया जाता है। यह सदियों से पौधों के धीमे सड़न से विकसित होता है।

शिलाजीत हिमालय के पहाड़ों में चट्टानों के बीच से बहती हुई पाई जाती है। कुछ विद्वानों ने इस रहस्यमयी पदार्थ की खोज की और बाद में जाना कि यह कई सारे स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकता है।

यह भी पता चला है कि इसमें विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य लाभों के लिए आवेदन हो सकते हैं, जिनमें मस्तिष्क का कार्य, टेस्टोस्टेरोन समर्थन और अन्य शामिल हैं।

शिलाजीत को आयुर्वेदिक चिकित्सा द्वारा सदियों से एक कायाकल्प और एंटी एजिंग यौगिक के रूप में जाना जाता है और इस्तेमाल भी किया जाता रहा है। प्राचीन भारतीय आयुर्वेदिक चिकित्सा में रसायन यौगिक की दो महत्वपूर्ण विशेषताएं हैं :-

  • शरीरिक शक्ति को बढ़ाना
  • मानव स्वास्थ्य को बढ़ावा देना 

शिलाजीत के फायदे और नुकसान

शिलाजीत खाने के अनेक फायदे है लेकिन कुछ लोगो को इसे खाने से नुकसान भी हुई है, चलिए शिलाजीत के फायदे और नुकसान के बारे में जानते है।

Shilajit Ke Fayde (शिलाजीत के फायदे हिंदी में)

शिलाजीत एक प्रभावी और सुरक्षित Supplement है जो आपके सम्पूर्ण स्वास्थ्य और कल्याण पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसके बहुत फायदे है जिनमे से कुछ के बारे में हमने निचे बताया है।

  • यौन वर्धक: आयुर्वेद में शिलाजीत को यौन वर्धक के रूप में भी जाना जाता है इसलिए पुरुष शिलाजीत को sexual enhancer यानि सेक्स करने की छमता हो बढ़ने के लिए इस्तमाल करते है।
  • अल्जाइमर में लाभकारी: आमतौर पर बुजुर्गों को प्रभावित करने वाली अल्जाइमर की समस्या से राहत पाने के लिए भी शिलाजीत उपयोगी हो सकता हैं। शिलाजीत का उपयोग अल्जाइमर की समस्या से बचा सकता है। 
  • डायबिटीज में दिलाए राहत: शिलाजीत का प्रयोग डायबिटीज से बचने के लिए भी किया जा सकता है। शिलाजीत में ब्लड शुगर को कम करने वाले गुण पाए जाते है। यह गुण हाई ब्लड शुगर के स्तर को कुछ हद तक नियंत्रित करने का काम करता है।
  • कोलेस्ट्रोल को करे कम करने में सहायक: शिलाजीत कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करने में भी मददगार हैं क्योकि यह हमारे खून को शुद्ध करता है जिससे कोलेस्ट्रोल कन्ट्रोल हो जाता हैं।
  • ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में आये काम: उच्च रक्तचाप वाले व्यक्ति के लिए शिलाजीत का सेवन एक बेहतर सुझाव है क्योकि आयुर्वेदिक शोध के अनुसार शिलाजीत में एंटीहाइपरटेंसिव गुण पाया जाता है जो बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को सामान्य करने में मदद करता है।
  • अर्थराइटिस के इलाज में लाभदायक: शिलाजीत में सेलेनियम का तत्व पाया जाता है, सेलेनियम में ही एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो सूजन को कम करने का काम करता है। जिसकि वजह से शिलाजीत का उपयोग अर्थराइटिस की सूजन को कम करने में भी लाभ दायक माना जाता है।
  • दिल को रखे हमेशा स्वस्थ: शिलाजीत के उपयोग से हाई बीपी को कम करने में मदद मिलती है। साथ ही यह संपूर्ण lipid profile को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। ये दोनों ही कारण हृदय स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माने जाते हैं इसलिए शिलाजीत को हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना गया है।
  • आयरन की कमी से एनीमिया में फायदे मन्द: शिलाजीत की खुराक धीरे-धीरे आयरन के स्तर को बढ़ा देती है जिससे एनीमिया जैसी बीमारियों में सुधर होने लगता है।
  • थकान को करे दूर: शिलाजीत थकान को दूर करना में भी शामिल है। साथ ही साथ यह कुछ हद तक मोटापे की समस्या से भी राहत दिला सकता है। इस आधार पर थकान की समस्या से राहत दिलाने में भी शिलाजीत सहायक साबित हो सकता है ।

तो ये थे कुछ महत्पूर्ण Shilajit Benefits In Hindi, अब हम जानेंगे शिलाजीत के नुकसान हिंदी में।

Shilajit Khane Ke Nuksan (शिलाजीत के नुकसान हिंदी में)

अगर सही तरह और सही मात्रा में शिलाजीत का सेवन किया जाये तो Shilajit Khane Ke Nuksan न के बराबर है क्योकि यह एक आयुर्वेदिक औषदि है जो मनुष्य के लिए बहुत लाभकारी मानी गई है लेकिन अगर अधिक मात्रा और गलत तरह से शिलाजीत का सेवन किया गया तो इसके कुछ दुष्प्रभाव दिख सकते है।

शिलाजीत के नुकसान के बारे में निचे बताया गया है।

  • इसके अधिक सेवन से शरीर में अत्यधिक गर्मी पैदा होती है।
  • इसका सेवन करने पर पैरों में जलन का अहसास होता है।
  • कभी-कभी पेशाब कम या ज्यादा हो जाता है।

शिलाजीत से संबंधित चेतावनी

हमें कच्चे या असंसाधित शिलाजीत का सेवन नहीं करना चाहिए। कच्चे शिलाजीत में भारी धातु आयन, मुक्त कण, कवक और अन्य दूषित पदार्थ हो सकते हैं जो आपको बीमार कर सकते हैं। 

इसे स्वास्थ्य के लिए एक हर्बल दृष्टिकोण माना जाता है, लेकिन शिलाजीत की गुणवत्ता, शुद्धता या ताकत के लिए U.S. Food and Drug Administration द्वारा निगरानी नहीं की जाती है इसलिए इसे कहां से खरीदना है और एक सही स्रोत का चयन करने के लिए अपने विकल्पों पर सावधानीपूर्वक शोध करें।

यदि आपको रक्त की लाल कोशिकाओं की कमी, Hemochromatosis(रक्तवर्णकता) या Thalassemia जैसी बीमारियां है तो शिलाजीत का सेवन न करें क्योकि इससे एलर्जी होना संभव है इसके साथ हृदय गति में वृद्धि या फिर चक्कर आना हो जाते है।

How To Use Shilajit In Hindi?

शिलाजीत का उपयोग आमतौर पर आयुर्वेदिक चिकित्सा में किया जाता है और यह पारंपरिक आयुर्वेदिक चिकित्सकों द्वारा सदियों से जाना और इस्तेमाल किया जाता आ रहा है।

शिलाजीत एक पाउडर और तरल रूप में उपलब्ध होता है। यदि आप तरल रूप इसे खरीदते हैं, तो एक हिस्से को चावल के दाने के आकार या मटर के आकार के तरल में घोलें और दिन में एक से तीन बार पियें या फिर आप शिलाजीत पाउडर को दूध के साथ दिन में दो बार ले सकते हैं।

शिलाजीत की अनुशंसित खुराक प्रति दिन 300 से 500 मिलीग्राम है। शिलाजीत लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात ज़रूर करले।

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